पापा ! मैं साक्षात बुद्ध हूं, बुद्धू हर्गिज नहीं

: तो लो मित्रों, मैंने अपने पिता स्‍वर्गीय सियाराम शरण त्रिपाठी का श्राद्ध आखिरकार बिहार की मोक्ष-भूमि नामक किंवदंती पर कर ही दिया : शापित हो चुकी फाल्‍गु नदी नामक कलंकित और नदी-नुमा अभद्र-नीच बना डाली नाला-धारा पर पिता की स्‍मृति-शेष विसर्जित : कुमार सौवीर गया : मैं एक नायाब बुद्ध हूं, बुद्धू हर्गिज नही। […]

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