मरकज में 14 सौ इस्लामी जेहादी! अंजाम क्या होता

: कोरोना-बम की साजिश होती तो मुल्क तबाह होता : न तो हिन्दू बचता न मुसलमान : इतनी भीड जुटी रही, तो पुलिस कहां थी : कहां से जुटे निजामुद़दीन के मरकज में इतनी तादात में मुसलमान : कुमार सौवीर लखनऊ : दिल्ली को राजधानी यूं ही नहीं कहा-माना जाता है। दिल्ली का मायने होता […]

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मर जाना वकील सतीश शुक्‍ला का

: किसी के चरणों पर दंडवत होते ही अप्रतिम प्रतिभा का क्षरण अवश्‍यम्‍भावी : परिचितों में हमेशा याद रहेंगे करमचंद जासूस वाली स्‍टाइल अडॉप्‍ट किये सतीश जी : कुमार सौवीर लखनऊ : करीब सात दिनों से बुखार-सर्दी के चलते नाक और खांसी के बीच जूझ रहा हूं, कि अचानक सुबह-सुबह खबर मिली कि सतीश शुक्‍ला […]

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फर्रुखाबाद हादसे को समझिये, खूनी खतरा आपके सिर पर भी है

: जीवन से आजिज युवक को पुलिस ने गोलियों से भून डाला, और भीड़ को इजाजत दी कि वह पत्‍नी को पीट कर मार डाले : डरावना सन्‍नाटा पसरा है लोगों के चेहरे पर : कुमार सौवीर फर्रुखाबाद : इस वक्त मैं फर्रुखाबाद में मुहम्मदाबाद के करथिया गांव में उस मकान के सामने हूँ, जहां […]

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शिश्‍न पर करंट, पत्‍नी का सामूहिक रेप। फिर भेजा जेल

: योगी जी ! फर्रूखाबाद की जनता से आपकी पुलिस ने शैतानी हरकत की : प्रताड़ना और भयावह शोषण की सारी सीमाएं तोड़ दीं पुलिस ने : कुमार सौवीर  फर्रूखाबाद : दर्द जब भी असह्य पीड़ा की हर सीमाएं से परे होने लगता है तो ठीक ऐसा ही होता है, जैसा फर्रूखाबाद में हुआ। यहां […]

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आप मत मानिए। मगर केजरीवाल के सवाल वाजिब हैं

: चिकित्‍सा-व्‍यवस्‍था चरमरा रही है, भगवा-शासित राज्‍यों में गगन-विहार की खुली छूट : शीतल सिंह लखनऊ : केजरीवाल ने टाइम्स नाऊ पर अभी अभी ख़त्म हुए एक कार्यक्रम में पूछा कि गुजरात राज्य में राज्य सरकार के पास कई विमानों और हेलीकॉप्टरों का बेड़ा है फिर भी उसने 191 करोड़ रुपये खर्च करके एक और […]

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पक्की चोर निकली संपादक की बेटी, पकडी गयी

: बनारस के विजया मॉल में हुआ हादसा, बडे अखबार का संपादक है चोरनी का पिता : बेटी है बैंक-मैनेजर, बाप है संपादक और पीडित है पत्रकार की पत्नी : कुमार सौवीर लखनउ : बनारस में एक नया हंगामा खडृा हो गया है। पता चला है कि यहां के एक बडे अखबार के संपादक की […]

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कुतिया नहीं, मेरी बेटी, बहन, दोस्त, मां और दादी भी

: मासूम और अद्भुत बच्‍ची ट्रिक्‍सी के चौथे पुण्‍य-महानिर्वाण दिवस पर विशेष-स्‍मृति : मेरी बेटी से बहन, दोस्त, मां और दादी तक का सफर किया ट्रिक्सी ने : ट्रिक्सी की मौत ने मुझे मौत का अहसास करा दिया : मुझसे लिपट कर बतियाती थी दैवीय तत्वों से परिपूर्ण वह बच्ची : कुमार सौवीर लखनऊ : […]

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गुमनामी बाबा: जस्टिस सहाय ने किया लफड़ा खत्‍म

: अंधभक्‍तों के पास सिर्फ मूर्खता ही भरी पड़ी है : केवल अफवाहों पर ही जिन्‍दा है नेताजी को लेकर कहानी : दोलत्‍ती संवाददाता लखनऊ : जस्टिस विष्णु सहाय आयोग ने फैसला कर लिया कि फैजाबाद के गुमनामी बाबा का नेताजी सुभाष चंद्र बोस से कोई लेना-देना नहीं था। इसके साथ ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस […]

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गुमनामी बाबा: नेताजी को लेकर बेशुमार गालियां

: सत्‍य की पीठ पर छुरा बनाम विचार-विमर्श, शास्त्रार्थ और बहस : गुमनामी बाबा को नेताजी सुभाष मानने की होड़ तो है, लेकिन एक भी वजह नहीं : कुमार सौवीर लखनऊ : तुम मुझे खून दो, मैं तुम्‍हें आजादी दूंगा….! जय हिन्द। जैसे नारों से आजादी की लड़ाई को नई ऊर्जा देने वाले नेताजी सुभाष […]

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तिवारी जी बाभन हैं, पत्रकार हैं, दारू का धंधा है, लड़की छेड़ते हैं

: घिनौने कीड़ों का अभयारण्‍य है अमर उजाला अखबार : पत्रकार ने तान दी पिस्‍तौल, तो चीफ साहब पैंट में ही फारिग हो गये : दोलत्‍ती संवाददाता देवरिया : वह कहते हैं न, कि बाभन पर कोई दोष नहीं लगता। चाहे वह शौच के बाद पानी लेने के बजाय ढेला रगड़ ले, या पतुरिया का […]

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फिर इत्‍ते सूचना सलाहकारों की जरूरत क्या है

  : गुटबंदी, आर्थिक रिश्तों पर दखलंदाजी या जातिवादी रिश्तों की बुनावट : ऐतिहासिक उपेक्षा हुई पत्रकारों के सम्‍मान को लेकर : एक ओर दलालों की टोली, दूसरी ओर बेहाल पत्रकार :  कुमार सौवीर लखनऊ : ( गतांक से आगे की खबर ) जिम्‍मेदारी है पत्रकारों से रिश्‍ता बनाना, रिश्‍ता मजबूत करना और सरकार और […]

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क्योंकि पहाड़ी लोग चोरी करना नहीं जानते

: नीरज मुसाफ़िर भाई की किताब ‘पैडल पैडल लद्दाख’ : शहरों में रहने वाले धूर्त लोग आपकी आंखों से काजल छीन लेते हैं : शेखर बहुगुणा देहरादून : नीरज मुसाफ़िर भाई की किताब ‘पैडल पैडल लद्दाख’ पढ़ रहा था। जिसमें उन्होंने साइकिल पर की गई अपनी लद्दाख यात्रा के बारे में लिखा है। यात्रा के […]

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धाकड़ जजों से ही हरियाली है न्‍यायपालिका में

: रमा जैन ने गाजियाबाद में करोड़ों के पीएफ घोटाले का खुलासा किया : राजेंद्र सिंह की डायरी में दर्ज हैं न्‍यायपालिका के बड़े अफसरों के रंग-बिरंगे किस्‍से : कुमार सौवीर लखनऊ : करीब एक महीना पहले हमने न्यायपालिका के चूहों द्वारा सरकारी खजाने में छेद-सुराख की साजिशें बुनी जाती हैं। इस अभियान के तहत […]

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हां तो मेहरबान ! सूचना सलाहकार कौन सी चिडि़या है?

: मदारी ! ऐसे जमूरों की कलाबाजियों में मजा नहीं आ रहा : न ताकत की दवाइयां बिक रही हैं, और न जमूरा-मदारी का खेल : उप्र सूचना विभाग में मनमर्जी, ठेंगे पर गयी व्‍यवस्‍था : कुमार सौवीर लखनऊ : ( पिछले अंक के बाद ) आपने सड़क पर मजमा लगा कर जादू दिखाते हुए […]

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वॉचडॉग को कूकुर बनाने पर आमादा है सूचना विभाग

: राज्‍य मुख्‍यालय पर पत्रकारों के मान्‍यता कार्ड वितरण में आपाधापी : माहौल ऐसा मानो कुपोषित बच्‍चों को पुष्‍टाहार-पंजीरी का वितरण : मिठाई बांटने में लपक के, कार्ड बांटने में छींके निकल जाती है : कुमार सौवीर लखनऊ : यूपी का सूचना विभाग मुख्‍यालय में आजकल भारी चहल-पहल है। आपाधापी का माहौल है। शोर-शराबा तेज […]

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