जनसंदेश टाइम्‍स के खेल प्रभारी को भी “इश्‍क-ए-कोरोना”

: बीएचयू ट्रामा के क्‍वारेंटाइन सेंटर में भर्ती कराये गये खेल संपादक : सभी सात पत्रकारों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव पायी गयी : अब तक 22 पत्रकार कोरोना के आगोश में : दोलत्‍ती संवाददाता लखनऊ : यूपी के अखबारों में अब बरेली और बनारस के बीच जोरदार भिड़ंत चल रही है। वजह है कोरोना संक्रमण। […]

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काशी में प्‍लास्टिक पर पत्रकार-छात्रों को दारोगाजी का प्रवचन

: पत्रकारिता के गुरूजी बकलोल हैं, शिष्‍य भी बकलोल ही निकलेंगे : आर्थिक अपराध के कप्‍तान को सिंगल प्‍लास्टिक यूज पर प्रवचन के लिए मुख्‍य अतिथि बना लिया काशी विद्यापीठ ने : दोलत्‍ती संवाददाता वाराणसी : आज के पत्रकारों की करतूतों की जड़ अगर आप खोजना-खोलना चाहते हों, तो सीधे उनके गुरूओं को खोजिए। नये-नये […]

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सबसे ज्‍यादा ज्ञान तो चूतियों के पास होता है: चंचल भूजी

: भूजी के न जाने कौन से जन्‍मदिवस पर दोलत्‍ती का विशेष साक्षात्‍कार : मुसलमानों के साथ रिश्ता इसलिए, क्योंकि मैं हिंदुओं की हिफाजत जरूरी : चूतियों की संगत में ज्ञान लूटिये, लेकिन मौका मिलते ही सटक लीजिए : कुमार सौवीर लखनऊ : मुझे सबसे ज्यादा ज्ञान तो चूतियों से मिला है। पढ़े-लिखे लोग तो […]

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भूतों से जूझेगी लड़हू-जगधर टाइप डागदरों की फौज

: बीएचयू में अब भूत भगाने की विद्या घिसेंगे छात्र, चालीसा की बिक्री जोरों पर : ओझा-सोखा की बिद्या की शुरूआत बजरंग बाण और हनुमान चालीसा : दोलत्‍ती संवाददाता बनारस/ लखनऊ : मानवता को आध्‍यात्मिक पायदानों के जरिये ऊंचाई तक पहुंचाने वाले काशी में अब वेदमंत्र नहीं, बल्कि ओझा-सोखा की बिद्या सिखायी जाएगी। शुरूआत हो […]

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तुम बछिया हो, दान में जाओगी, दुहेगा तुम्हारा देवता

: तुम्हीं मेरे मंदिर, पूजा, देवता हो, और तुम ही मेरी मौत का कारण भी : सेक्स गंदा काम है, और जब भगवान करेगा तो दिव्य होगा : स्वाति पाण्डे्य ने इसी पूजा-पाठ के चक्कर में दे डाली अपने शरीर की आहुति : पति को अपना सर्वस्व सौंपने के अनुष्ठान की तैयारी वाली कीमत चुकाती […]

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इश्क नहीं, पूर्वांचल की जमीन में खोजिये मेधावी युवतियों की आत्म‍हत्या के कारण

: पूर्वांचल की ही हैं आत्महन्ता श्रेष्ठतम मेधावी युवतियां : बीएचयू में प्रोफेसर और पूसा रोड संस्थान वैज्ञानिक पदों पर थीं यह बच्चियां : एक ने सगाई टूटने पर आत्महत्या की, तो दूसरी ने शादी के चार महीना बाद : एक थी इतिहास की व्याख्याता तो दूसरी प्लांट फिजियो में वैज्ञानिक : आत्महत्या कर रही हैं […]

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इसी बेटी पर आप गर्व करते थे, मेधा पर घमंड था? वो मर गयी

: दो मेधावी बेटियों की आत्महत्या ने आपके सपनों को चकनाचूर कर दिया : बीएचयू की प्रोफेसर और पूसा इंस्टीच्यूट की वैज्ञानिक की मौत हमारी खोखली मनो-सामाजिक इमारत है : बेटियों ने बताया तक नहीं, बस फांसी पर लटक गयीं : आत्महत्या कर रही हैं आपकी-हमारी बेटियां- एक : कुमार सौवीर नई दिल्ली : हमारी […]

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बीएचयू में सहायक प्रोफेसर थी स्वास्ति, सगाई टूटी तो जान दे बैठी

: बेटियों को पढ़ाने के साथ मजबूत कराना जरूरी, बहुआयामी प्रश्न उपजे : यह तो सगाई टूटने के बाद ही हालत है, मोहब्बत होता तो क्या होता : यह कैसी शिक्षा मिल रही है बेटियों को, सिर्फ औपचारिक पढ़ाई। हे राम : हादसे से साफ कि हमारा ढांचा आज भी बेटियों की बैसाखी भर है, […]

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एग्रीकल्चर का मतलब जो हर कल्चर में एग्री हो

पंजाब सिंह: कांट्रेक्ट खेती से बदलेगी किसान की किस्मत : मृदा में कुछ भी अनुपजाऊ नहीं होता : रेगिस्तान में चावल और बांस इलाकों में अंगूर पैदा हो सकता है : गुल्ली-डंडा खूब खेला, मगर पद्दी देने वाले सवाल पर बिदक जाते हैं पंजाब सिंह : कुमार सौवीर वाराणसी : मिर्जापुर के एक छोटे से […]

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आदमी के भूख से पिचके पेट का जवाब खोजते हैं प्रो पंजाब सिंह

धान को ज्यादा पानी नहीं, नमी चाहिए, मिथेन की बात सफेद झूठ : हरित क्रांति का आंदोलन फैलाने में अहम भूमिका निभायी : हमारी प्रगति के खिलाफ बाकायदा षडयंत्र रचते हैं बडे देश : शेखचिल्ली  के सपने नहीं, हकीकत साबित करना है ख्वाहिश : कुमार सौवीर वाराणसी : अफवाह : धान के खेत में पानी […]

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खतना तो सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान है, रोगों का इलाज नहीं

यहूदी, ईसाई व कई अफ्रीकी जातियों में प्रचलित था खतना, अब सिर्फ इस्लाम में

: शोध के मामले में भारत बेहतर है, पथरी और मसाना के कैंसर पर शोध चाहिए : पाक-भारत का जींस एक है, एकजुट होकर समस्साओं का निदान खोजिए : अक्सर जौनपुर आकर मरीज भी देख जाते हैं डॉ रिजवी :

कुमार सौवीर

वाराणसी : डॉक्टर रिजवी धर्म और कर्म को अलग-अलग रखते हैं। इसीलिए सवालों के जवाब में बिलकुल बेबाकी के साथ बताते हैं कि इस्लाम समेत कई समुदायों में शिशुओं में कराया जाना खतना मूत्र-रोगों की रोकथाम का विकल्प या समाधान-इलाज नहीं। उनका कहना है कि यह पूरी तरह एक धार्मिक कृत्य है, और केवल इसलिए मैं इसे डाक्टरी निदान-उपचार से जोड़ कर कोई सिद्धांत में कैसे बदल दूं? वे बताते हैं कि ज्रूस्थ, र्ईसाई, कई अफ्रीकी जातियों के साथ ही इस्लाम में भी पहले खतना खूब प्रचलित था। लेकिन अब यह केवल इस्लाम तक ही सीमित हो कर रह गया है। डॉक्टर रिजवी बताते हैं कि खतना या शिश्नव पर चढ़ी चमड़ी को ऑपरेट करने हटाने की प्रथा के बारे में लोगों का ख्याल है कि इससे यौनरोग नहीं होते, लेकिन अब तक कोई भी शोध यह साबित नहीं कर पाया।

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गंगा तो पहचान है बनारस की, इसे गंदा मत करिये प्लीजः प्रो रिजवी

यूरोलॉजी में फरिश्ते के तौर पर पूजे जाते हैं डा अदीबुल रिजवी

: निशुल्क चिकित्सा के लिए सार्क देशों का इकलौता संस्थान है स्यूट : जौनपुर के अदीबुल ने पाकिस्तान में मानव सेवा का झंडा बुलंद किया : बंटवारे में बंट गया जौनपुर के जिगर का टुकड़ा :

कुमार सौवीर

वाराणसी : वह एक डाक्टर है। मानवता की सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित डाक्टर। इसीलिए सिर्फ मरीज ही नहीं, यूरोलॉजी के डाक्टरों की दुनिया में इस शख्स को निर्विवाद रूप से फरिश्ते के तौर पर स्वीकार किया जाता है। उनकी मौजूदगी देश-विदेश से आये यूरोलाजी के विख्यात डाक्टरों के लिए कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है, इसका अंदाजा तब देखने को मिला जब बीएचयू में चार दिनों तक चली अंतर्राष्ट्रीय यूरोकॉन में शामिल होने से वे दो दिन पिछड़ गये। मगर इस यूरोकॉन की असली शुरूआत तब ही हो पायी जब डॉक्टर सैयद अदीबुल हसन रिजवी का पदार्पण हो सका। दरअसल उनके वीजा पर उनका नाम ही गलत चढ़ गया था।

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बीएचयू से इंजीनियर बनना चाहते थे, लगे बेचने तेल

भाईचारा घरेलू समारोहों में चलता है, व्यापार में नहीं कुमार सौवीर : एक बार एक बदमाश को जमकर पिटवा भी चुके हैं दीनानाथ झुनझुनवाला : बिस्कुट का धंधा शुरू किया तो 3 महीने में ही देश के सर्वश्रेष्ठ उपाधि हासिल कर ली : आप प्रयास तो कीजिए ना, हर चीज स्वर्ण है। हां हां, मलमूत्र […]

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जहां न पहुंचे गाड़ी, वहां पहुंचे मारवाड़ी

राष्ट्र के कुल घी-उत्पादन में 7 फीसदी हिस्सेदार हैं दीनानाथ कुमार सौवीर : शठे शाठ्यं समाचरेत के साथ ज्योतिष पर भी आस्था रखते हैं दीनानाथ झुनझुनवाला : गुजरात में होता तो 10 और विदेश में मैं 100 गुना बड़ा होता : जवानी तक तो हर सपना कदम-कदम पर ध्वस्त ही होता रहा : बेहद कष्टप्रद […]

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कुलीन घर नहीं, ठहाका लगाता अस्सी बताता है गालियों का गूढार्थ

काशी का अस्सी वाले प्रोफेसर काशीनाथ सिंह पर विशेष आयोजन : काशीनाथ सिंह को चिढ़ है परस्पर-विरोधी शब्दों के प्रयोग से : काशीनाथ के मुताबिक शब्‍द तो संवाद को व्‍यवस्थित करते हैं (1) : बनारस: ( पिछले अंक से आगे ) बहुत मुश्किल होता है जीवन के चौथे खण्ड में बीते तीनों खण्डों के आधार […]

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