सभासद ने चप्‍पल निकाली, और मेयर व आयुक्‍त पर तान के फेंका

दोलत्ती

: जनता का काम नहीं करोगे तो आज मैंने मारा है, कल जनता भी पीटेगी : आरोपित सभासद और उसके पति पर रिपोर्ट दर्ज, सदस्‍यता खत्‍म करने की कार्रवाई शुरू :
दोलत्‍ती संवाददाता
मथुरा : नगर निगम की बैठक शुरू होने से पूर्व भाजपा की एक महिला पार्षद ने निगमायुक्त और मेयर से अभद्रता कर दी। पार्षद ने निगमायुक्त और मेयर पर चप्पल फेंकी। लेकिन चप्पल उनके लगी नहीं। इसके बाद पार्षद ने उन्हें रोक रहे निगमायुक्त के निजी सचिव को चप्पल जड़ दीं। इस घटना से हड़कंप मच गया और बैठक रद कर दी गई। निगमायुक्त ने घटनाक्रम पर रोष जताते हुए कहा है कि महिला पार्षद और उनके पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। उनकी सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम की बोर्ड बैठक शुक्रवार को एक होटल में रखी गई थी। दोपहर में बोर्ड बैठक शुरू होनी थी। मेयर डा. मुकेश आर्यबंधु और निगमायुक्त रविंद्र कुमार मांदड़ तथा विधायक पूरन प्रकाश बैठक में पहुंच चुके थे। पार्षदों का आना शुरू हो चुका था। कुछ पार्षद आकर अपनी सीट पर बैठ गए थे, वहीं कुछ का आना जारी था। तभी नगर निगम में भाजपा की वार्ड 24 की महिला पार्षद दीपिका रानी बैठक स्थल पर पहुंचीं। बताया गया कि उनके साथ उनके पति भी थे। वे सीधे निगमायुक्त और मेयर के पास पहुंचीं और अपने वार्ड में विकास कार्य न होने की शिकायत करने लगीं। महिला पार्षद का कहना था कि तमाम बार मांग किए जाने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं की जा रही। उन्होंने मेयर से कहा कि पहले जेई को बैठक में बुलाओ तब बैठक शुरू करना। इस पर मेयर ने उनसे कहा कि वह अपनी सीट पर बैठ जाएं, बैठक शुरू होने पर अपनी बात रखें, उस पर कार्रवाई की जाएगी। पार्षद अपनी सीट पर चली गईं।
बैठक से पूर्व राष्ट्र गीत वंदेमातरम शुरू होने वाला था तभी महिला पार्षद दीपिका रानी फिर से उठकर आईं और मेयर डा. मुकेश आर्यबंधु और निगमायुक्त से उनकी बहस होने लगी। मेयर, निगमायुक्त और विधायक पूरन प्रकाश डायस पर बैठे थे। इसी दौरान महिला पार्षद ने चप्पल उतार कर मेयर और निगमायुक्त की ओर फेंकी। गनीमत रही कि चप्पल उन तक पहुंच नहीं सकी। महिला पार्षद ने फिर से चप्पल उठायी। इस दौरान निगमायुक्त के निजी सचिव होशियार सिंह ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने उनमें चप्पलें जड़ दीं। तब तक कुछ कर्मचारी और पार्षद उन्हें रोकने पहुंच गए।
यह वाक्या देख वहां हड़कंप मच गया। जो पार्षद बैठे थे वे महिला पार्षद को संभालने लगे। विधायक पूरन प्रकाश हाथ जोड़कर महिला पार्षद को शांत होने को बोलने लगे। उधर निगमायुक्त और मेयर अधिकारियों सहित फौरन बैठक स्थल से चले गए और बैठक रद कर दी गई। इस घटना से हर कोई अवाक था। पार्षदों ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और इसकी निंदा की है।
नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार ने बताया कि बोर्ड बैठक प्रारंभ होते ही पार्षद व उनके पति अपने स्थान से उठ आए और समस्त अधिकारियों को गाली-गलौज करने लगे। उनके निजी सचिव होशियार सिंह ने महिला पार्षद को समझाने का प्रयास किया तो उन्होंने अपने पति के साथ निजी सहायक को चप्पल से पीटना शुरू कर दिया। घटना के समय उनके अलावा अपर नगर आयुक्त सत्येन्द्र तिवारी, मुख्य अभियंता पीके मित्तल, महाप्रबंधक (जल) रमेश रघुवंशी, लेखाधिकारी गीता रानी, कर अधीक्षक उम्मेद सिंह, कर निरीक्षक यादवेन्द्र आदि अधिकारी मौजूद थे। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार दुबे ने बताया सहायक नगर आयुक्त राजकुमार मित्तल की तहरीर पर पार्षद दीपिका व पति पुष्पेंद्र के खिलाफ बोर्ड मीटिंग के दौरान अभद्रता करने, मारपीट, गाली-गलौज करते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है
इस घटना के बाद सभासद दीपिका का आरोप है कि एक वर्ष से न तो उनके वार्ड में एई, जेई आ रहे हैं और ना ही फोन उठा रहे हैं। मेरे वार्ड के जो कार्य मंजूर हो गए हैं, टेंडर पास हो गए हैं, वे हुए ही नहीं हैं तो बजट किस बात का हुआ है। आज जब मैंने कहा कि एई, जेई को बुला दो निगमायुक्त ने कहा चल बैठ, तब मैंने ये एक्शन लिया है। मैंने जो किया वह सभी ने देखा, अगर मांगें नहीं मानीं तो फिर ऐसा करूंगी।मेयर डा. मुकेश आर्यबंधु ने इस घटना पर दुख व्‍यक्‍त करते हुए कहा है कि यह निंदनीय हरकत थी। चाहे अधिकारी हो या कर्मचारी सम्मान सभी का होता है। किसी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। महिला पार्षद के खिलाफ कार्रवाई के लिए संगठन के साथ बैठकर बात की जाएगी। जबकि नगर आयुक्‍त रवींद्र कुमार मांदड़ का कहना है कि महिला पार्षद ने अभद्रता की है। उनके पति भी इसमें शामिल थे। महिला पार्षद और उनके पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। नगर आयुक्त ने कहा है कि पार्षद व उनके पति ने कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकने के लिए निजी सचिव व हम लोगों के ऊपर हमला व आपराधिक बल का उपयोग किया। आचरण नियमावली का उल्लंघन करने पर पार्षद की सदस्यता रद करने के लिए कार्रवाई की जा रही है।

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