तुम पक्‍का बकलोल हो कप्‍तान साहब। झूठे भी

दोलत्ती

: सीतापुर के एएसपी के पास न भाषा है, न बोली, और न तो धेला भर दिमाग ही : स्‍त्री की मजबूरी को अपनी घृणा को वेश्‍या का नाच बताया, थूक कर चाटा : स्‍पष्‍टीकरण में भी झूठ का भूरि-भूरि प्रदर्शन :

कुमार सौवीर

लखनऊ : सीतापुर के अपर पुलिस अधीक्षक की भाषा, बोली, भंगिमा और व्‍यवहार को लेकर अगर किसी को अचरज हो रहा हो, तो उनको अपने दिमाग का इलाज करा देना चाहिए। वजह यह कि जो व्‍यवहार इस अपर पुलिस अधीक्षक ने पत्रकारों के साथ किया है, उससे इतना तो तय ही हो गया कि इस पुलिसिया टोपीक्रेट के पास धेला भर की तमीज नहीं है। दिमाग और बोली-भाषा तो दमड़ी भर की नहीं है। ऐसी हालत में जो लोग इस पुलिस अफसर को सामान्‍य बुद्धि का व्‍यक्ति मानने की जिद पाले बैठे हों, उनका इलाज केवल पागलखाना ही हो सकता है। सच बात तो यही है तुम पक्‍का चूतिया हो कप्‍तान साहब। झूठे भी।

उधर अपनी करतूत पर बवंडर खड़ा होने के बाद घबराये इस पुलिस कप्‍तान ने मामला सम्‍भालने का नाटक किया है, लेकिन पत्रकारों के साथ सरेआम माफी की शैली में शातिराना साजिश बुन डाली है। यह जानते हुए उस प्रेस कांफ्रेंस में केवल पत्रकार ही मौजूद थे, इस कप्‍तान ने बेहद शातिराना अंदाज में अपनी करतूत को सफेद झूठ के तरह परोस दिया है। इस कप्‍तान ने अपने इस स्‍पष्‍टीकरण में बाकायदा थूक कर चाटते हुए अपना बयान जारी किया है।

घटनाक्रम के अनुसार आज अपनी एक चिरकुट जैसे मसले पर कोतवाली में आयोजित एक प्रेस-कांफ्रेंस में सीतापुर के अपर पुलिस अधीक्षक राजीव दीक्षित ने पत्रकारों के साथ निहायत अभद्र और अश्‍लील शैली में गाली-गलौल करना शुरू कर दिया था। स्‍त्री के प्रति अपनी घिनौनी सोच और मानसिक विकार का प्रदर्शन करते हुए इस बड़े दारोगा ने बेहद बदतमीजी के साथ वहां मौजूद पत्रकारों से कहा कि यहां रंडी का नाच नहीं चल रहा है। उसका कहना था कि जिस बात को वह पहले ही बोल चुका है, उसके बारे में बार-बार नहीं बोलेगा। यह पत्रकार इसी दारोगा ने बुलाया था, अपनी वाह-वाही के झंडे फहराने के लिए। लेकिन इसी बीच न जाने किस अहंकार में चूर इस बड़े दारोगा ने यह बदतीजी कर दी।

लेकिन इसके बाद से ही हंगामा खड़ा हो गया। वहां मौजूद पत्रकार उस समय तो खामोश रहे और चुपचाप उस बड़े दारोगा के पास से हट गये। लेकिन उसकी इस बदतमीजी को पत्रकारों ने अपने वीडियो पर कैद कर लिया। उसके बाद उन्‍होंने इस बातचीत को वायरल करना शुरू कर दिया। जाहिर है कि यह देखते ही देखते महज नौ सेकेंड का यह वीडियो पत्रकारों के दिल-दिमाग में आग भड़का गया। हंगामा खडा हो गया।

मामला इस मोड़ तक पहुंच सकता है, इसका अहसास इस दारोगा को था ही नहीं था। लेकिन इस हालत तक पहुंच जाने से उसकी सिट्टी पिट्टी गुम हो गयी। बौखलाये इस बड़े दारोगा ने अपना एक खेद-प्रकाश करता एक वीडियो तैयार किया और उसे पत्रकारों के पास भेज दिया। जाहिर है कि इस व्‍यक्ति के पास इतना भी साहस नहीं था कि वह इस मामले पर पत्रकारों के बीच मुंह दिखा सके।

बहरहाल, इतनी गंदी गाली देने के बाद अब यह अफसर बोल रहा है कि उसके संस्‍कार ऐसे नहीं है कि वह ऐसा कह सके। वह साफ झूठ बोल गया कि आयोजन के पहले ही फैली अराजकता पर उसने टिप्‍पणी की थी, जबकि पहले हुई वीडियो में उसने साफ कह दिया था कि एक ही बार कह देने के बाद बार-बार नहीं बोलेगा।

इतना ही नहीं, उसने अपने इस स्‍पष्‍टीकरण में भी भूरि-भूरि झूठ का प्रदर्शन किया, सरासर झूठ बोला।

1 thought on “तुम पक्‍का बकलोल हो कप्‍तान साहब। झूठे भी

  1. गुरूवर।सादर साष्टांग दंडवत्प प्रणाम्–पत्रकार भी पूंछ हिलाये कूद कर चले जाते है –काहे सुन लिये ये सब —ये गालियां लठोरी पुलिस का लच्छा पराठा है — आचार रायते के मठियाये
    नोट छापने के मशीन डिपार्टमेंट है इन लोनो के पास विकास दूबे से दस गुनी संपत्ति है —

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