थाने में महिला करे फरियाद, इंस्‍पेक्‍टर करे हस्‍तमैथुन

दोलत्ती

: योगी जी ! क्‍या अब कुछ और बचा है कहने को : देवरिया के वाट्सऐप समूहों पर भंवर की तरह घूम रहा था थानाध्‍यक्ष की घिनौनी करतूत : देवरिया के पुलिस अधीक्षक ने न फोन उठाया, न मैसेज का जवाब दिया :
कुमार सौवीर
लखनऊ : जरा कल्‍पना कीजिए कि अपनी समस्‍याओं का समाधान कराने के लिए एक महिला फरियादी स्‍थानीय पुलिस थाना पर पहुंचती है। वहां तैनात पुलिसवाले उस महिला से हल्‍की पूछतांछ करने के बाद उसको थाना के प्रभारी इंस्‍पेक्‍टर के कक्ष में भेजते हैं। लेकिन इसके पहले कि वह महिला महिला अपनी फरियादी पूरी तरह बयान भी न कर पाती है कि अचानक कुर्सी पर पैर फैला कर अपनी पैंट की जिप खोलता है, और फिर अपना गुप्‍तांग निकाल कर महिला को दिखा-दिखा कर हस्‍तमैथुन करना शुरू कर देता है। करीब ढाई मिनट तक यही गन्‍दगी फैलाता रहता है वह पुलिस इंस्‍पेक्‍टर और वह महिला सहमी हुई सी अपनी बात कहने में सिकुचाती-सिकुचाती हुई बयान करती रहती है।
जी हां, यह किसी चालू मुम्‍बई फिल्‍म की सस्‍ती पटकथा नहीं है, बल्कि प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के चुनाव क्षेत्र के मंडल स्थित एक जिले में पुलिस की होने वाली हैवानियत और अश्‍लीलतम हरकतों की असली कहानी है। इस घटना का एक वीडियो गोरखपुर मंडल के बिहार से सटे जिला देवरिया के वाट्सऐप ग्रुप्‍स में चक्‍करघिन्‍नी की तरह इस समूह से दूसरे समूह तक भंवर जैसा घूम रहा है। लेकिन दोलत्‍ती सूत्रों के मुताबिक सभी समूहों में एकसुर से ही यही चर्चाएं चल रही हैं कि यह थाना देवरिया के जिले के किसी का बताया जा रहा है, और यह भी कि वायरल हो चुके इस वीडियो में दिखायी पड़ रहा यह इंस्‍पेक्‍टर एक निहायत रंगीला मिजाज है।
हालत यह है कि पुलिस की कार्यशैली की, जिसकीकुशलता, तत्‍परता और लोकप्रशासन की डींगें एसपी से लेकर डीजीपी और मुख्‍य सचिव भी हांका करते हैं। वह भी तब जबकि यह मामला प्रदेश के मुख्‍यमंत्री के चुनावक्षेत्र से सम्‍बन्धित मंडल का ही एक जिला है, और गोरखपुर से देवरिया की दूरी महज 45 मील है। ऐसी हालत में जब किसी थाने में कोई पुलिस इंस्‍पेक्‍टर अपने थाना परिसर स्थित अपने सरकारी कक्ष में अपनी समस्‍याओं को लेकर पहुंची महिला के सामने उसकी सुनवाई करने के बजाय उसके सामने अपना गुप्‍तांग का प्रदर्शन करे, और उस महिला के सामने ही हस्‍तमैथुन कर अश्‍लील इशारे करना शुरू करे, तो फिर बाकी प्रदेश के जिलों में पुलिस का असली चेहरा और उसकी करतूतों को तौलने के लिए किसी तराजू की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आपको बता दें कि पिछले महीने ही प्रतापगढ़ के एक इंस्पेक्टर ने एक मारपीट के विवाद में मौके पर न जाकर सवर्ण वादी के घर की महिलाओं को मां, बहन और बेटी तक को नंगी गालियां दी थीं, कि सवर्ण जाति की औरतें होती ही ऐसी हैं। दोलत्‍ती सूत्रों के मुताबिक इसके करीब ढाई साल पहले गोरखपुर में भी एक थाने के इंस्पेक्टर ने एक महिला को थाने में बुला कर उसे भद्दी गालियां दिन और मारापीटा भी था।
लेकिन इन मामलों को पुलिस ने रफादफा कर दिया ।
बहरहाल, देवरिया के इस मामले में दोलत्‍ती ने देवरिया के पुलिस अधीक्षक श्रीपति मिश्र से उनके सरकारी फ़ोन पर सम्‍पर्क करने की कोशिश की, लेकिन कप्‍तान का फोन कई प्रयासों के बावजूद नहीं उठाया गया। दोलत्‍ती संवाददता के अनुसार न कप्‍तान ने फोन उठाया, और न ही उनके पीआरओ ने इस फोन पर जवाब देने की कोशिश की, जिससे इस पूरे मामले पर संशयों के बादल साफ या छंट सकें।
हमने इस चर्चित वीडियो पर देवरिया के कप्‍तान को उनके सरकारी फोन नम्बर वाले वाट्सऐप संदेश भेजा, लेकिन उसका भी अब तक कोई जवाब नहीं मिला। हमने लिखा कि:- एसपी साहब, नमस्ते।
आपके जिले में एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें एक थानाध्यक्ष एक महिला फरियादी के सामने थानाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ कर हस्तमैथुन कर रहा है।
कृपया इस बारे में अपनी जानकारी हम तक शेयर कर दें कि वह वीडियो में दिख रहा वह पुलिस अधिकारी कौन है और अगर आपके जिले के थाने का यह मामला है तो आप इस मसले पर क्या एक्शन कर रहे हैं।

8 thoughts on “थाने में महिला करे फरियाद, इंस्‍पेक्‍टर करे हस्‍तमैथुन

  1. बेबाक लेखन के लिए साधुवाद।
    अशोक कुमार आगरा।

  2. बहुत ही अच्छा लिखा,कप्तान का इस मामले में फोन न उठाना कही न कही मामले को सत्यता की तरफ इंगित करना है

  3. वर्तमान पुलिस केवल सत्ताधिकारियों की ही सुनती है और इस समाज को इस तरह की घटनाओं से तब तक कोई फर्क नहीं पड़ता जव तक उनकी सत्ता पर कठिनाई न आने लगे।

  4. Partyek police station me 2 foji aur thano me alag se milatry co ki tenati honi chahiye jisse samaz aur desh hit me bhavishay me aishi ghatna hone se roki ja sake aur milatry men aishe ghatiya ofishar ke dimak aur sharir dono ka elaj kar sake aisha kuch hona chahiye

  5. गज़ब की खोज़ी पत्रकारिता का उदाहरण पेश कर देवरिया पुलिस अधीक्षक की नंगई आपने उजागर कर दी !
    बावजूद इसके वर्दी वाले गुंडे सरीखे इस पुलिस अधीक्षक का अभी तक सरकार द्वारा बाल भी बांका न किया जाना सरकार के मुंह पर पर खुला तमाचा लगना जैसा प्रतीत हो रहा है।
    मेरे विचार से पीड़ित महिलाओं के हाथों ऐसे अय्याश वर्दी वाले गुंडों को सरेआम नंगाकर इनको जूतों की माला पहनाकर गली-गली घुमाना चाहिए। ताकि आने वाले समय में खाकी की लाज बचाई जा सके।

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