मुम्‍बई के पत्रकारों ने बजाया डंका, 53 में कोरोना

दोलत्ती

: सवाल यह कि आखिर कैसे हो गया इतने पत्रकारों में संक्रमण : सभी को आइसोलेशन में भेजा : इसके पहले इंदौर के दैनिक भास्‍कर को मिला था संक्रमण :
दोलत्‍ती संवाददाता
मुंबई : पूरी दुनिया में इतने पत्रकारों पर कोरोना का इतना बड़ा संक्रमण नहीं हुआ होगा, जितना हमारे भारत में हो गया। देश की आर्थिक राजधानी और हिन्‍दी फिल्‍म दुनिया माने जाने वाले मुम्‍बई के 53 पत्रकारों कोरोना से संक्रमित हुए हैं। बृहन्मुंबई नगर निगम ने बताया कि मुंबई में 53 पत्रकार कोविड-19 जांच में पॉजिटिव पाए गए हैं, और उनके बेहतर इलाज के लिए एहतियात के तहत इन सभी को आइसोलेशन में रखा गया है।
देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है, जहां संक्रमितों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। राज्य में मुंबई की स्थिति बेहद खराब है। वहीं, मुंबई में सोमवार को 53 पत्रकार कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। इन सभी पत्रकारों को आइसोलेशन में रखा गया है। बृहन्मुंबई नगर निगम ने बताया कि मुंबई में 53 पत्रकार कोविड-19 जांच में पॉजिटिव पाए गए हैं, एहतियात के तौर पर इन सभी को आइसोलेशन में रखा गया है। फील्ड में काम कर रहे फोटोग्राफरों, वीडियो पत्रकारों और रिपोर्टर्स सहित फील्ड से रिपोर्टिंग करने वाले 171 पत्रकारों के नमूने एकत्र किए गए थे और उनकी जांच की गई थी। पॉजिटिव पाए गए अधिकतर पत्रकारों में शुरू में कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई दिए थे।
बताते हैं कि यह संक्रमण का केंद्र यहां की धारावी झुग्‍गी से फैला है। सूत्रों के अनुसार इन पत्रकारों में अधिकांश लोग तो टीवी चैनलों के थे, जबकि कुछ अन्‍य पत्रकार समाचार पत्र से सम्‍बद्ध थे। चैनली पत्रकारों में टीवी 9, न्‍यूज नेशन, एबीपी न्‍यूज, टीवी 9 भारतवर्ष, ईटीवी भारत आदि प्रमुख चैनल बताये जाते हैं। इसके अलावा कुछ एजेंसी के पत्रकारों में भी यह संक्रमण फैला है।
हैरत की बात है कि दुनिया में अब तक इतने पत्रकारों में कोरोना का संक्रमण नहीं हुआ है, जितना आज अकेले मुम्‍बई में हुआ। सवाल यह उठने लगा है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ। आखिर इन पत्रकारों ने संक्रमण न फैलाने से दूरी नहीं बनायी। और ऐसा क्‍यों हो गया कि यह पत्रकार अचानक एकदम से कोरोना का ग्रास बन गये। सूत्र बताते हैं कि इन पत्रकारों ने कोरोना को मजाक बना डाला होगा, अन्‍यथा ऐसा कोई भी कारण नहीं होता है कि इतनी भारी संख्‍या में पत्रकार बिस्‍तर पर जाने को मजबूर हो जाएं। आपको बता दें कि देश में कोरोना का पहला शिकार बने थे इंदौर के दैनिक भास्‍कर वाले देव कुण्‍डल। लेकिन उनकी तबियत में कोई लक्षण नहीं मिले थे।
गौरतलब हो कि महाराष्ट्र में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है। रविवार को राज्य में रिकॉर्ड 552 मामले सामने आए और 12 लोगों की मौत हुई। राज्य में अबतक 4200 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।
कोरोना वायरस को लेकर महाराष्ट्र में जिस तरह के हालात हैं उससे देखकर लग रहा है कि वह भारत का ‘वुहान’ न बन जाए। राजधानी मुंबई की स्थिति सबसे ज्यादा बुरी है। राज्य के कुल मामलों में से अकेले 2700 से ज्यादा मामले यहीं सामने आए हैं, जबकि 132 लोगों की मौत हो चुकी है।
बता दें कि देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 1553 नए मामले सामने आए हैं और 36 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 17,656 हो गई है और इस वायरस से 559 लोगों की मौत हो चुकी है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि लॉकडाउन को हटा दिया गया है। हमने सिर्फ अर्थव्यवस्था के पहिये को थोड़ा सा घुमाने की कोशिश की है। मैंने सुना है कि कुछ लोग लॉकडाउन के दौरान मिली इस ढील को लॉकडाउन खत्म होने के रूप में मान रहे हैं। यदि वे इस तरह का व्यवहार करते रहे तो हम सख्त कदम उठाएंगे।

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