परिवहन निगम: अमर उजाला की करतूत, यकीन नहीं होता

दोलत्ती


: 38 करोड के घोटाले पर रिपोर्टर खेल रहा है अखबार से : पूरी खबर को अफसरों ने मीडिया से मिल कर साजिशन प्ले किया-2 :
कुमार सौवीर
लखनऊ : यकीन नहीं होता है कि यह वही अखबार है, जिसका नाम और धर्म केवल पत्रकारिता है। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि कई दिनों से साफ दिखने लगा है कि इस अखबार ने अपने मूल धर्म-कर्म को धंधे में तब्दील कर दिया है। यहां के रिपोर्टर अब कलम से खबर के बजाय बडे अफसरों और मंत्रियों को तेल लगाने पर अपने हाथ साफ करने में जुट गये हैं। जाहिर है कि खबर अब मरघिल्ली और अफसरों का चेहरा से चरण तक चकाचक होता जा रहा है।

इस पूरे मामले को हमने सिलसिलेवार हस्तक्षेप किया है और इस घोटाले की पर्द-दर-पर्द खबरें श्रंखलाबद्व ढंग से प्रस्तुत करते रहे हैं। इस मामले से जुडी खबरो को देखने के लिए यदि आप इच्छुक हों तो निम्न न्यूज लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।

परिवहन निगम: 38 करोड फंसा, कहानी सुना रहे हैं एमडी
परिवहन निगम: अमर उजाला की करतूत, यकीन नहीं होता

ताजा मामला है उप्र सडक परिवहन निगम का। खरबों के घोटालों के चलते हजारों निजी, सार्वजनिक और सरकारी विभागों की को मिटियामेट कर चुके निजी क्षेत्र के यस बैंक की करतूतों को अब छिपाने की साजिशें चल रही हैं। मकसद है यह कि कैसे भी इस मामले में बुरी तरह फंस चुकी अपनी-अपनी पूंछ को कैसे निकाला-छुडाया जाए। इसके लिए मीडिया का सहारा लिया जा रहा है ताकि ऐसे घोटालों का प्रवाह उनके बजाय अब दूसरी ओर मोडा जा सके और इस तरह मामले पर सरकार के बजाय आम आदमी तक के सामने दिशा व दिग्भ्रम की स्थिति पैदा कर दी जाए।
इस मामले में अमर उजाला फिलहाल अफसरों के पक्ष में पहले नम्बर के पायदान को छीन चुका है जहां खबर की ऐसी की तैसी की जा सकती है। 38 करोड रूपयों की लूट जैसे घोटाले के मामले में इस अखबार ने जो खबरें प्लांट की हैं, उससे साफ जाहिर हो रहा है कि इस मामले में आम आदमी तक सही और सटीक खबर देने के अपने पुनीत दायित्व को जूतों से रौंदते हुए उसके रिपोर्टर ने अफसरों का मेकअप करने की जीतोड साजिशें की हैं।
इस खबर को लिखने वाले रिपोर्टर का नाम है नरेश शर्मा। आप इस खबर को देखिये न। आपको साफ पता चल जाएगा कि इस खबर को इस रिपोर्टर ने सिर्फ उसी रंगीन चश्मे के एंगल से देखा है जिसे सडक परिवहन निगम के आला अफसर आम आदमी के साथ ही साथ सरकार के सामने पेश करना चाहते थे। कहने की जरूरत नहीं कि नरेश शर्मा ने अपने अखबार के पाठक के हितों के नहीं, बल्कि अफसरों के हित को सर्वोपरि साबित करते हुए खबरें लिखी हैं। (क्रमश:)

उप्र सडक परिवहन निगम में हुई इस भारी धोखाधडी और उसके लेकर आला अफसरों की करतूतों पर दोलत्ती की कडी नजर है। हम जल्दी ही इस मामले को लगातार श्रंखलाबदध खबरें पेश करने जा रहे हैं। उससे जुडी खबरों को देखने के लिए कपया दोलत्ती डॉट कॉम पर क्लिक करते रहियेगा। और हां, आपको निगम की करतूतों से जुडी बाकी सूचनाएं हैं और आप हमसे किन्हीं मामलों पर खबरों को दोलत्ती डॉट कॉम के साथ शेयर करना चाहते हैं तो हमारा सम्पर्क फोन नम्बर:9453029126, 8840991189 है। अगर आप चाहेंगे तो हम आपका नाम, परिचय वगैरह पूरी तरह गुप्त ही रखेंगे।

कुमार सौवीर

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