रवीश कुमार: लाजवाब प्रस्तोता व सेक्युलर गिरोह के पुरोधा भी

दोलत्ती

हमारे बिरादर बहुत स्मार्ट, चालाक और शातिर भी हैं : कट्टरपंथी मुस्लिमों को चालाकी से जस्टीफाई करते हैं आप :
वीरेंद्र राय
सूरत : हमरे बिरादर रविश कुमार बहुत स्मार्ट और चालाक भी हैं, लेकिन क्या है कि आप आईटी सेल पर दोषारोपण कर अपने चकल्लस से बच नहीं सकते हैं। मैंने भी आपका पूरा प्राइम वीडियो देखा था और यह महसूस किया कि आप जानबूझकर कंफ्यूजन पैदा कर रहे थे आरोपी को लेकर, जबकि पुलिस आरोपी का नाम बता रही थी।

बेहतर होता कि आप कहते कि एक धर्म विशेष का कट्टरपंथी धड़ा आरोपी का गलत नाम बता रहा है। लेकिन आपने ऐसा नहीं किया और बड़ी मासूमियत के साथ घालमेल करते रहे। आप अपने एजेंडे पर चलिए लेकिन मूर्ख मत बनाइए। माना कि आप बेहतरीन प्रस्तोता हैं। आप सेक्युलर गिरोह के सबसे बड़े पुरोधा हैं लेकिन आप कई जगह जानबूझकर चूक कर जाते हैं जिसकी वजह से आपने अपनी साख खोई है। आप भी इरादतन ऐसा करते हो जैसा कि सुधीर टाइप एंकर कर रहे हैं। बस फर्क इतना है कि वो चिल्ला कर और अपने शब्दों को दूसरों को कानों में ठूसते हैं और आप रुदाली कर ऐसा करते हो।

आपकी सफाई बता रही है कि आप गलत थे और कई बार रहते हो। जिस तरह आप कट्टरपंथी मुस्लिमों को चालाकी से जस्टीफाई करते हो वो नींद में भी कोई आसानी से समझ सकता है। बेहतर होता कि आप निश्पक्षता पूर्वक बिना किसी पूर्वाग्रह के बस खबर पढ़ते। लेकिन खुद को महान बनाने के चक्कर में आप खबरनवी कम अपने विचार ज्यादा थोपते हैं। जहरबुझी मुस्कान लेकर जो खबरें आप गढ़ते हो उसका नतीजा है कि मेरे जैसे लोग भी अब खुन्नस खाने लगे हैं। निःसंदेह आप कट्टरपंथी हिंदुओं को एक्सपोज करो। एक खबरची होने के नाते आपकी जिम्मेदारी है।

रही बात सरकार से सवाल करने की तो उससे मैं सौ फीसदी सहमत हूं लेकिन जब आप मुस्लिम कट्टरता पर खामोशी से विक्टिम कार्ड फेंक कर आगे बढ़ जाते हो तो चिढ़ हो जाती है कि एक निश्पक्ष पत्रकार ऐसा कैसे कर सकता है। इसलिए आप अब एक्सपोज हो चुके हो। मुझे लगता है कि अब आपको भाजपा के खिलाफ खुलकर मैदान में आ जाना चाहिए।

चूंकि आपके कथित बलात्कारी भाई का राजनीतिक कैरियर बिहार में खत्म ही है और कांग्रेस की भी तो यही बेहतर मौका है कि आप कांग्रेस में नई जान फूंकिए और एक अपने बिरादर कन्हैया कुमार के साथ बिहार विधानसभा चुनाव में कूद जाइए। क्या पता वहां आपकी निश्पक्षता का सही मूल्यांकन हो सके।

विंध्याचल के रहने वाले वीरेंद्र राय आजकल सूरत से छपने वाले दैनिक भास्कर में काम कर रहे हैं।

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