आप मत मानिए। मगर केजरीवाल के सवाल वाजिब हैं

बिटिया खबर

: चिकित्‍सा-व्‍यवस्‍था चरमरा रही है, भगवा-शासित राज्‍यों में गगन-विहार की खुली छूट :

शीतल सिंह

लखनऊ : केजरीवाल ने टाइम्स नाऊ पर अभी अभी ख़त्म हुए एक कार्यक्रम में पूछा कि गुजरात राज्य में राज्य सरकार के पास कई विमानों और हेलीकॉप्टरों का बेड़ा है फिर भी उसने 191 करोड़ रुपये खर्च करके एक और नया विमान ख़रीदा । (प्रति वर्ष गुजरात राज्य सरकार इस हवाई परिवहन पर ईंधन ,मेंटेनेंस कर्मचारियों की तनख़्वाह ,हैंगर का किराया और कुछ अन्य संबंधित ख़र्चों में तक़रीबन डेढ़ सौ करोड़ रुपये खर्च करती है)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री रोज़ाना हेलीकॉप्टर अथवा विमान से कम से कम एक यात्रा ज़रूर करते हैं (तमाम शादी ब्याह मुंडन उद्घाटन समारोहों समेत कथित सरकारी कार्यक्रमों में )! उत्तर प्रदेश में सरकारी विमानन विभाग पर सालाना खर्च क़रीब छ: सौ करोड़ रुपए है जबकि प्रति व्यक्ति सालाना आय कुल तीस हज़ार रुपये से भी कम है ।

केजरीवाल सरकार ने सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ़्त यात्रा करने के मद में कुल एक सौ चालीस करोड़ रुपए की सब्सिडी दी है । जबकि दिल्ली में प्रतिव्यक्ति सालाना आय देश में सबसे अधिक वाले तीन राज्यों में से एक है ।

केजरीवाल का बीजेपी/संघी आलोचकों से सवाल है कि सिर्फ़ सांप्रदायिक बयान देने के लिये विमान/ हेलीकॉप्टर पर नेताओं को प्रदेश और प्रदेश से बाहर गगन विहार करवाना बेहतर फ़ैसला है या लोगों को शिक्षा स्वास्थ्य परिवहन में सब्सिडी देना ?

आप लोगों का क्या ख़याल है ?

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